अध्याय 266 क्लिफ्टन, मुझे नहीं लगता कि मैं तब तक रहूंगा जब तक आप वापस नहीं आते

"मिरांडा… मिरांडा…"

अँधेरे के बीच कोई उसका नाम पुकार रहा था। वो आवाज़। वो आवाज़ वह पहचानती थी।

क्लिफ्टन।

वह आँखें नहीं खोल पा रही थी। पलकों पर जैसे सीसा रख दिया गया हो।

उसे दूर कहीं, बहते-से खयाल में लगा कि वह सच में वह नहीं हो सकता। यह तो उसका दिमाग ही होगा—वही आवाज़ गढ़ रहा होगा जिसे वह सुनना ...

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